योजना · कब आएँ

वाराणसी घूमने का सबसे अच्छा समय, मौसम दर मौसम

वाराणसी किसी भी महीने देखने लायक है, पर हर महीने एक-सी नहीं। नदी, रोशनी, भीड़ और त्योहार - सब मौसम के साथ बदलते हैं। साल का हर हिस्सा असल में कैसा होता है, यहाँ है, ताकि आप अपनी मनचाही यात्रा चुन सकें।

जानकारी जाँची गई ·

सर्दी: नवंबर के मध्य से फ़रवरी के मध्य तक

सूखे, ठंडे महीने सबसे आरामदायक हैं, और सबसे लोकप्रिय भी। दिसंबर का औसत करीब 17°C रहता है, दोपहर करीब 23°C और रातें करीब 11°C। नदी पर सुबहें ठंडी और अक्सर धुंधली होती हैं - सूर्योदय पर बहुत सुंदर, इसलिए एक गर्म परत साथ रखें।

करीब दिसंबर के मध्य से जनवरी के मध्य तक उत्तर भारत में कोहरा देर तक टिक सकता है, और वाराणसी आने वाली ट्रेनें और फ़्लाइटें अक्सर देर से चलती हैं। पहुँचने के दिन थोड़ी गुंजाइश रखें।

नवंबर का आख़िरी हिस्सा साल का शिखर है: घाटों पर दीपों का पर्व देव दीपावली मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को है, और इसी के साथ गंगा महोत्सव का समापन होता है। पूरे शहर में कमरे हफ़्तों पहले भर जाते हैं।

वसंत: फ़रवरी के आख़िर से मार्च तक

गर्मी आने से पहले के साफ़, गुनगुने दिन, और त्योहारों का मौसम जारी रहता है - महाशिवरात्रि 6 मार्च 2027 को है और काशी विश्वनाथ में साल की सबसे बड़ी भीड़ लाती है। मार्च के आख़िर तक दोपहरें गर्म हो जाती हैं; घूमना सुबह जल्दी करें और दोपहर में आराम।

गर्मी: अप्रैल से जून

गर्म और सूखा। अप्रैल का औसत करीब 31°C रहता है और अधिकतम करीब 38°C, और मई-जून में दिन का तापमान अक्सर 37°C से ऊपर जाता है। यह यात्रियों के लिए सबसे शांत मौसम है। आएँ तो नदी की घड़ी से चलें: भोर की नाव, जल्दी दर्शन, दोपहर भर अंदर, और शाम की आरती के लिए फिर बाहर।

मानसून: जुलाई से सितंबर

जुलाई और अगस्त सबसे ज़्यादा बारिश वाले महीने हैं। जब गंगा का जल-स्तर बढ़ता है, तो घाटों की निचली सीढ़ियाँ पानी में डूब जाती हैं, एक घाट से दूसरे तक चलना मुश्किल हो जाता है, और प्रशासन जल-स्तर उतरने तक नावों का संचालन रोक सकता है। दशाश्वमेध की शाम की आरती घाट के पास की छतों पर होने लगती है। शहर हरा-भरा और कम भीड़ वाला होता है, पर अलग यात्रा की योजना बनाएँ - नदी के बजाय मंदिर, सारनाथ और गलियाँ।

तो कब आएँ?

  • आराम और नदी के सबसे अच्छे रूप के लिए: नवंबर के मध्य से फ़रवरी के मध्य तक।
  • जीवन भर याद रहने वाले त्योहार के लिए: देव दीपावली, 24 नवंबर 2026 - जल्दी बुक करें।
  • बुज़ुर्ग माता-पिता के साथ: दिसंबर से फ़रवरी, देव दीपावली की भीड़ से बचते हुए।
  • कम भीड़ और कम दरों के लिए: गर्मी और मानसून के महीने, ऊपर बताई बातों के साथ।

औसत एक सामान्य साल बताते हैं, पूर्वानुमान नहीं। यात्रा से पहले मौसम का पूर्वानुमान और, मानसून में, गंगा का जल-स्तर देख लें - फ्रंट डेस्क बता देगी कि नदी का क्या हाल है।

अतिथि अक्सर पूछते हैं

वाराणसी घूमने का सबसे अच्छा महीना कौन-सा है?

नवंबर के मध्य से फ़रवरी के मध्य तक सबसे आरामदायक है - सूखा और ठंडा, दिसंबर की दोपहरें करीब 23°C। नवंबर के आख़िर में देव दीपावली भी है, 24 नवंबर 2026 को।

क्या मानसून में वाराणसी जाना ठीक है?

शहर शांत और हरा-भरा होता है, पर गंगा का जल-स्तर बढ़ने पर घाट डूब जाते हैं, नावें बंद हो सकती हैं और शाम की आरती छतों पर होती है। नदी के बजाय मंदिर और सारनाथ की योजना बनाएँ।

गर्मियों में वाराणसी कितना गर्म होता है?

मई और जून में दिन का तापमान अक्सर 37°C से ऊपर जाता है, और अप्रैल में अधिकतम करीब 38°C।

क्या सर्दियों में कोहरा वाराणसी की यात्रा पर असर डालता है?

करीब दिसंबर के मध्य से जनवरी के मध्य तक कोहरा अक्सर ट्रेनों और फ़्लाइटों को देर करा देता है। पहुँचने के दिन गुंजाइश रखें।

शिवपुर में ठहरें

होटल वाग्मी शिवपुर में है - शांत और रिहायशी, दशाश्वमेध घाट से करीब 6 किमी और वाराणसी जंक्शन से 2 किमी। ट्रैवल डेस्क गाड़ी और पिकअप का इंतज़ाम करती है, और रात को कह दें तो नाव भी बुक कर देती है।

इन स्रोतों से जाँचा गया

  1. Weather Spark - average weather in Varanasi, year round
  2. Climates to Travel - Varanasi climate, seasons and when to go
  3. Weather & Climate - Varanasi average monthly rainfall
  4. DD News - Varanasi ghats submerged as Ganga water level rises
  5. Drik Panchang - Dev Deepawali 2026 date for Varanasi

वाराणसी में समय और शुल्क मौसम और त्योहारों के साथ बदलते रहते हैं। ऊपर का हर आँकड़ा बताई गई तारीख़ को इन्हीं स्रोतों से पढ़ा गया है - जाने से पहले उसी दिन पुष्टि कर लें, या फ्रंट डेस्क से पूछ लें।

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